इस विडियो को देखकर आपके रोंगटे न खड़े हो जाए तो कहना

ये कहानी है उस लड़की कि जो अपने पैर गवा देने के बाद भी,दुनिया के सबसे ऊँचे पहाड़ एवरेस्ट पर चढ़ कर आई और अपने देश का नाम रोशन किया.

ये विडियो उन लोगो के लिए जवाब है जो ,अपनी जिंदगी में हार जाते है. असल में कोई व्यक्ति तब तक नहीं हारता जब तक वो खुद को हारा हुआ ना समझे.

अगर आप किसी लक्ष्य को पाना चाहते है और आपकी अंतर आत्मा से आवाज आ जाये की आप वो लक्ष्य पा सकते हो ,तो फिर आपको उस लक्ष्य को पाने से कोई रोक नहीं सकता.

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अप्रैल 2011 में, राष्ट्रीय स्तर वाली वॉलीबॉल खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा को एक लुटेरों द्वारा चलने वाली ट्रेन से बाहर कर दिया गया था. जो उनके स्वर्ण श्रृंखला के बाद थे। उसके बायीं तरफ गुजरने वाले ट्रेनों को कुचल दिया गया था। इसने 21 मई, 2013 को, अरुणिमा ने माउंट एवरेस्ट का शुभारंभ किया। देखो जैसे वह हमें इस भावपूर्ण बात में अपनी यात्रा पर ले जाता है.


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